मेरे बाबा शनिदेव, मेरे बाबा शनिदेव, मंदिर मैं आऊंगा, दर्शन मैं पाऊंगा, शीश झुकाके में, तुमको मनाऊंगा, मैं हूँ पुजारी प्रभु आपका, ओ मेरे बाबा शनिजी, हम है पुजारी प्रभु…
तू सत्संग नौका में बैठ, सुवा चाले तो।bd। दोहा - रामचरण रुल झावतो, मिलती नहीं सत्संग, कठिन त्याग वैराग को, मारे गुरु लगायो रंग। गुरु लगावो रंग, उतारियो उतरे नाहीं,…