कृपा करो मुझपे हे भगवन शरण तेरे मैं आया हूँ

कृपा करो मुझपे हे भगवन शरण तेरे मैं आया हूँ

कृपा करो मुझपे हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ,
भटकता था जो मन मेरा,
चरण सेवा मैं पाया हूँ,
कृपा करों मुझपें हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ।bd।

तर्ज – पकड़ लो हाथ बनवारी।



ये सृष्टि है तेरी माया,

तेरी रचना मनुष काया,
बना लो दास हे भगवन,
बना लो दास हे भगवन,
मैं भी तो तेरा साया हूँ,
कृपा करों मुझपें हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ।bd।



बुराई लाख इस तन में,

मगर बसते हो तुम मन में,
पकड़ लो हाथ अब मेरा,
पकड़ लो हाथ अब मेरा,
स्वजन से भी पराया हूँ,
कृपा करों मुझपें हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ।bd।



निहारूं तेरी सूरत को,

सजाऊँ तेरी मूरत को,
सुधारूं भूल को अपने,
सुधारूं भूल को अपने,
यही फरियाद लाया हूँ,
कृपा करों मुझपें हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ।bd।



कृपा करो मुझपे हे भगवन,

शरण तेरे मैं आया हूँ,
भटकता था जो मन मेरा,
चरण सेवा मैं पाया हूँ,
कृपा करों मुझपें हे भगवन,
शरण तेरे मैं आया हूँ।bd।

Singer – Dhiraj Kant Ji


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