संयम का ये पथ भैया आतम का ठिकाना है

संयम का ये पथ भैया आतम का ठिकाना है

संयम का ये पथ भैया,
आतम का ठिकाना है,
बनके संयमी एक दिन,
तुझे शिवपुर जाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।

तर्ज – बाबुल का ये घर।



दादा के दुलारे हो,

दादी के प्यारे हो,
रिस्ते ये दुनिया के,
सब छोड़ के जाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।



पापा तेरे दिल का मैं,

प्यारा सा टुकड़ा हूँ,
छोड़ दुनियादारी को,
घर आतम सजाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।



मैय्या पे क्या बित रही,

दुनिया वाले क्या जाने,
कलेजे के टुकड़े को,
अपने हाथों रवाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।



बहना तेरा भाई हूँ,

पर एक मुसाफिर हूँ,
दुनिया का बसेरा तो,
आखिर भूल जाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।



भैय्या मेरे जीवन मे,

तेरी याद सदा रहेगी,
अपना ये मानस तो,
ज्ञानिसा बनाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।



संयम का ये पथ भैया,

आतम का ठिकाना है,
बनके संयमी एक दिन,
तुझे शिवपुर जाना है,
संयम का यह पथ भैय्या,
आतम का ठिकाना है।।

Singer – Bhikham Jain
9438399999


Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *