महाकाल की सेना चली

महाकाल की सेना चली

चली चली फिर चली चली,
महाकाल की सेना चली,
हर घर भगवा लहराने को,
भारत की हर गली गली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



गौ हत्यारे धर्म के दुश्मन,

देशद्रोही देश विरोधी,
मूर्ति भंजक भाग रहे है,
सबके दिल में खलबली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



अंग भभूति हाथ में त्रिशूल,

डमरू डमके नंदी सवारी,
महाकाल अभी घूम रहे है,
अपने देश की गली गली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



नर सेवा नारायण सेवा,

नारी सेवा शक्ति सेवा,
महाकाल सेना घूम रही है,
गौ सेवा को गली गली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



दिगंबर है सबसे न्यारा,

अलख बम का है ये नारा,
चारों वर्ण हमारा है,
करता सबकी भली भली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



तन मन हिंदू रग रग हिंदू,

सत्य सनातनी गुरु हमारे,
भगवा उनको प्यारा है,
भक्तों पे कृपा घणी घणी,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।



चली चली फिर चली चली,

महाकाल की सेना चली,
हर घर भगवा लहराने को,
भारत की हर गली गली,
चली चली फिर चली चली,
महांकाल की सेना चली।।

Singer – Anant Lohar
Lyrics – Kesulal Lohar
9784293640


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