महाकाल की नगरी, मेरे मन को भा गई। दोहा - मोक्षदायिनी अवंतिका, शिप्रा जल की धार, पाप कटे मुक्ति मिले, महाकाल दरबार। महाकाल की कृपा से, तो दुनिया चल रही…
ॐ जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता, जो कोई तुमको ध्याता, त्रिभुवन सुख पाता।bd।मैया जय।bd। सुख समृद्धि प्रदायनी, गौ की कृपा मिले, जो करे गौ की सेवा, पल में…