फिल्मी तर्ज भजन

Filmi Tarj Bhajan Lyrics

हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे भजन लिरिक्स

हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे भजन लिरिक्स

0
मेरे मनवा मन मीत रे...,,, हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे, बिन प्रीत रे, ओ मेरे मनवा।bd। तर्ज - आजा तुझको पुकार मेरे गीत। प्रीत लगाई थी, शबरी प्रभू...
अपने रंग मे रंग लो प्रीतम करके बहाना होली का

अपने रंग मे रंग लो प्रीतम करके बहाना होली का

0
अपने रंग मे रंग लो प्रीतम, करके बहाना होली का, कैसे कहूँ मै अपने मुख से, विषय नही यह बोली का।bd। तर्ज - नगरी नगरी द्वारे द्वारे। (होली विशेष) नीला...
कभी वो हार ना सकता जिसे तेरा सहारा है भजन लिरिक्स

कभी वो हार ना सकता जिसे तेरा सहारा है भजन लिरिक्स

0
कभी वो हार ना सकता, जिसे तेरा सहारा है, वो नैया डूब ना सकती, जिसे तूने संभाला है, कभी वों हार ना सकता, जिसे तेरा सहारा है।bd। तर्ज – मुझे...
सांवरिया तुझसा नहीं इस अम्बर के नीचे भजन लिरिक्स

सांवरिया तुझसा नहीं इस अम्बर के नीचे भजन लिरिक्स

0
सांवरिया तुझसा नहीं, इस अम्बर के नीचे, इसलिए तो डोल रही है, दुनिया पीछे पीछे, सांवरिया तुझसा नहीं, इस अम्बर के नीचे।bd। तर्ज - दीवाना मुझसा नहीं। पाके तुझे लगता मुझे, कोई...
राम भजो सिया राम भजो रे राम बिना नही रहना

राम भजो सिया राम भजो रे राम बिना नही रहना

0
राम भजो सिया राम भजो रे, राम बिना नही रहना, मै नही कहता हूँ भाई, यह सँत ग्रँथ का कहना, बोलो हैना हैना हैना।bd। तर्ज - एक डाल पर...
सोचो न हरि को भजलो भजना है अभी से भजलो

सोचो न हरि को भजलो भजना है अभी से भजलो

0
सोचो न हरि को भजलो, भजना है अभी से भजलो, श्री राधे कृष्णा को भजलो।bd। तर्ज - समझोता ग़मो से करलो। रात गई सुबहा आएगी, जिँदगी ये गई तो, फिर...
चली आती हो माँ भक्त़ो के लिए

चली आती हो माँ भक्त़ो के लिए

0
चली आती हो माँ, भक्त़ो के लिए, मेरे कारण भी आना होगा।bd। कबसे देखूँ माँ रस्ता तुम्हारी, कब आओगी माँ शेरोवाली, मेरी खातिर तुम्हे मातारानी, कष्ट इतना तो करना होगा, चली...
बस यही अरदास माँ हर बार करता हूँ

बस यही अरदास माँ हर बार करता हूँ

0
बस यही अरदास माँ, हर बार करता हूँ, मेरे घर भी आओ माँ, इँतजार करता हूँ।bd। तर्ज - बस यही अपराध में। कैसे देखूँ तुमको मइया, मै इन आँखो से, जी...
सोऐ को सँत जगाऐ फिर नीँद न उसको आऐ

सोऐ को सँत जगाऐ फिर नीँद न उसको आऐ

0
सोऐ को सँत जगाऐ, फिर नीँद न उसको आऐ, जो जाग के फिर सो जाऐ, उसे कोन जगाऐ, हो उसे कोन जगाऐ।bd। तर्ज - चिन्गारी कोई भड़के। मर मर कर...
उमर जाती है रे प्राणी जतन करले ओ अभिमानी

उमर जाती है रे प्राणी जतन करले ओ अभिमानी

0
उमर जाती है रे प्राणी, जतन करले ओ अभिमानी, तजबीज कर कोई ऐसी, कि नैया पार हो जाऐ।bd। तर्ज - नजर आती नही मँजिल। अब दूरी नही कोई बन्दे, नैया...
error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे