Home 2023

Yearly Archives: 2023

मन मेरा मन रहे तुझमे मगन भजन लिरिक्स

मन मेरा मन रहे तुझमे मगन भजन लिरिक्स

0
मन मेरा मन, रहे तुझमे मगन, मुझको लगा दे बाबा, ऐसी तू लगन, मन मेरा मन, रहे तुझमे मगन।bd। तर्ज - सुन साहिबा सुन। नैनो की खिड़की खुलें, जो तेरी ही सूरत...
जयति जय जय हो खाटू धाम भजन लिरिक्स

जयति जय जय हो खाटू धाम भजन लिरिक्स

0
जयति जय जय हो खाटू धाम, जयति जय जय हो खाटु धाम, श्याम का नाम अमर है जग में, अमर है खाटू धाम, जयति जय जय हो खाटू...
खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने लिरिक्स

खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने लिरिक्स

0
खजाना कृपा का लुटाया, मेरे स्वामी जु ने, रस का सागर है बहाया, मेरे स्वामी जु ने।bd। तर्ज - तेरी गलियों का हूँ आशिक। युगल नाम में सदा लीन, बांके...
लोढ़ी लोढ़ी फुल अरहूल क लाएब

लोढ़ी लोढ़ी फुल अरहूल क लाएब

0
लोढ़ी लोढ़ी फुल, अरहूल क लाएब, प्रति दिन भोरे भोर, हे जननी पूजब, चरण नित तोर।bd। घर घर पूजा सब स पहिले, जगभर में नित तोर, सुनी सुनी गीत गोसौनी क...
द्रोणागिरी पर वेद बताई तू लाकर प्राण बचा दे

द्रोणागिरी पर वेद बताई तू लाकर प्राण बचा दे

0
द्रोणागिरी पर वेद बताई, तू लाकर प्राण बचा दे। दोहा - लक्ष्मण के शक्ति लगी, श्री रघुवर भए उदास, जामवंत कहने लगे, जाओ महावीर के पास। द्रोणागिरी पर वेद बताई, तू...
पर्वराज पर्युषण प्यारे हमें जगाने आये है

पर्वराज पर्युषण प्यारे हमें जगाने आये है

0
पर्वराज पर्युषण प्यारे, हमें जगाने आये है, आत्म शांति का मधुर संदेशा, हमें सुनाने आये है।bd। मोह माया से इस जीवन में, फैला घोर अंधेरा है, क्रोध मान छल राग...
ग्यारस कार्तिक की आई बांटों जी आज बधाई

ग्यारस कार्तिक की आई बांटों जी आज बधाई

0
ग्यारस कार्तिक की आई, बांटों जी आज बधाई, आया जनमदिन श्याम का, झूमो जी गाओ, आया जनमदिन श्याम का।bd। देखे - ग्यारस चांदण की आई। सजधज करके खाटू नगरी, दुल्हन जैसी...
श्याम तुम्हारे हम भक्तों पर इतने है उपकार लिरिक्स

श्याम तुम्हारे हम भक्तों पर इतने है उपकार लिरिक्स

0
श्याम तुम्हारे हम भक्तों पर, इतने है उपकार, कर्ज तेरा कैसे चुकेगा, कर्ज तेरा कैसे चूकेगा।bd। देखे - तेरा कैसे कर्ज चुकाऊं। उंगली पकड़ कर चलना सिखाया, रोते थे जब...
हम पंछी परदेशी मुसाफिर आये है सैलानी लिरिक्स

हम पंछी परदेशी मुसाफिर आये है सैलानी लिरिक्स

2
हम पंछी परदेशी मुसाफिर, आये है सैलानी। दोहा - कबीर मन पंछी भया, भावे तो उड़ जाय, जो जैसी संगती करें, वो वैसा ही फल पाय। हम वासी उन देश...
सासु जी से हंस के बोली एक दिन घर में बहुरानी

सासु जी से हंस के बोली एक दिन घर में बहुरानी

0
सासु जी से हंस के बोली, एक दिन घर में बहुरानी, कृष्ण नाम का सुमिरन करलो, दो दिन की है जिंदगानी।bd। तेरी मेरी करते करते, सारी उमरिया बीत गई, आया...
error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे