आरती करो बृजनारी ले कंचन थारी लिरिक्स
आरती करो बृजनारी,
ले कंचन थारी,
आरती करो बृज नारी।bd।
भावना भक्ति की ज्योति,
अनमोल प्रेम के मोती,
रसबुंदन सो भरी झारी,
अति सुकुमारी,
आरती करो बृज नारी।bd।
घनश्याम नंद के लाला,
पहिरे...
खाटू वाला खुद खाटू से तेरे लिए आएगा भजन लिरिक्स
खाटू वाला खुद खाटू से,
तेरे लिए आएगा,
मोरछड़ी ले लीले चढ़के,
संग ख़ुशी लाएगा,
खाटु वाला खुद खाटु से,
तेरे लिए आएगा।bd।
तर्ज - कौन सुनेगा किसको सुनाये।
तुझको तो...
इनके मन में है राम बसे इनको तो किसी की खबर नहीं लिरिक्स
इनके मन में है राम बसे,
इनको तो किसी की खबर नहीं।bd।
तर्ज - दिल लूटने वाले।
श्री राम की पूजा करते है,
श्री राम की सेवा करते...
कान्हा तेरी मुरली की जो धुन बज जाए भजन लिरिक्स
कान्हा तेरी मुरली की,
जो धुन बज जाए,
ग्वाले नाचे गोपियाँ,
नाचे सारी टोलियाँ,
राधा नाचे झूम झूम,
कान्हा तेरीं मुरली की,
जो धुन बज जाए।bd।
कुंज गली में जैसे,
बाजे बासुरिया,
दीवानी...
हे आनंदघन मंगलभवन नाथ अमंगलहारी भजन लिरिक्स
हे आनंदघन मंगलभवन,
नाथ अमंगलहारी,
हम आए शरण तुम्हारी,
रघुवर कृपाल प्रभु प्रनतपाल,
अब राखो लाज हमारी,
हम आए शरण तुम्हारी,
हे आनंद घन मंगल भवन,
नाथ अमंगलहारी,
हम आए शरण तुम्हारी।bd।
तर्ज...
जब हारे दिल से तू इसे भजन सुनाएगा लिरिक्स
जब हारे दिल से तू,
इसे भजन सुनाएगा,
तेरी आँखों का आंसू,
कतरा बह जाएगा,
नहीं देर लगाएगा,
लीले चढ़ जाएगा,
मेरा बाबा आएगा,
जब हारें दिल से तू,
इसे भजन सुनाएगा।bd।
गर...
जो कान्हा तेरी मुरली बजती कुंज वन में भजन लिरिक्स
जो कान्हा तेरी मुरली,
बजती कुंज वन में,
हलचल सी मचती है,
धड़कन बढ़ती मन में।bd।
मुरली को होंठों से,
जब श्याम लगाते हो,
पीड़ा पल पल बढ़ती,
जब तान सुनाते...
ओ नेजाधारी जी लाज रखो म्हारी रामदेवजी भजन
ओ नेजाधारी,
जी लाज रखो म्हारी,
कर लीले की असवारी,
पधारो म्हारा पावना,
थारा भगत करे है,
थारी ध्यावना।bd।
तर्ज - ओ फिरकी वाली।
पिछम धरा स्यु म्हारा,
पीर जी पधारिया,
धोली ध्वजा...
आप गुरूजी त्यारोला म्हारो अवगुण भरीयो शरीर
आप गुरूजी त्यारोला,
म्हारो अवगुण भरीयो शरीर।bd।
ज्ञान नहीं जानू ध्यान आपको,
माफ करो तकसीर,
ज्ञानी भगत जन भक्ति उपावे,
कर कर कष्ट शरीर,
आप गुरूसा त्यारोला,
म्हारो अवगुण भरीयो शरीर।bd।
अगम...
सत री संगत के माही मुर्ख नही जावे रे भजन लिरिक्स
सत री संगत के माही,
मुर्ख नही जावे रे।
दोहा - एक घडी आधी घडी,
आधी में पुनि आध,
तुलसी संगत साध की,
कटे कोटि अपराध।
सत री संगत के...









