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मेरे बाबा शनिदेव भजन लिरिक्स

मेरे बाबा शनिदेव भजन लिरिक्स

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मेरे बाबा शनिदेव, मेरे बाबा शनिदेव, मंदिर मैं आऊंगा, दर्शन मैं पाऊंगा, शीश झुकाके में, तुमको मनाऊंगा, मैं हूँ पुजारी प्रभु आपका, ओ मेरे बाबा शनिजी, हम है पुजारी प्रभु आपके, सुनो बाबा...
ओ भोले नाथ जी तेरा द्वार बड़ा चंगा भजन लिरिक्स

ओ भोले नाथ जी तेरा द्वार बड़ा चंगा भजन लिरिक्स

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ओ भोले नाथ जी, तेरा द्वार बड़ा चंगा, ओ महादेव जी, तेरा द्वार बड़ा चंगा, सिर पर सोहे भोले, सदा मात गंगा, ओ भोलें नाथ जी, तेरा द्वार बड़ा चंगा।bd। कैलाशो के...
बस चार दिनों का मेला फिर चला चली खेला लिरिक्स

बस चार दिनों का मेला फिर चला चली खेला लिरिक्स

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बस चार दिनों का मेला, फिर चला चली खेला, नही कायम जग में डेरा, प्यारे ना तेरा ना मेरा।bd। तर्ज - मेरे मन की गंगा। नो महलों की बाते...
मैं थाने सिवरू सिरवाल माता भजन लिरिक्स

मैं थाने सिवरू सिरवाल माता भजन लिरिक्स

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मैं थाने सिवरू सिरवाल माता, हैले हाजर आय रे।bd। गाव बावड़ी में प्रगटिया मैया, धजा फरुके असमान रे, मे थाने शिवरों सिरवाल माता।bd। ऊंचे भाखर आप विराजो मैया, निवण करे...
क्यों चिंता करता बेकार द्वारे पे तेरे खडो है दातार लिरिक्स

क्यों चिंता करता बेकार द्वारे पे तेरे खडो है दातार लिरिक्स

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क्यों चिंता करता बेकार, द्वारे पे तेरे खडो है दातार, देगो चुगेरो है जाने चोंच दई।bd। तर्ज - आने से उसके आए। धन धान मान दियो है, और सुंदर...
हरि ओम हरि ओम होवे हर की आरती लिरिक्स

हरि ओम हरि ओम होवे हर की आरती लिरिक्स

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ओम सत्य ओम सत्य, होवे हर की आरती, हरि ओम हरि ओम, होवे हर की आरती, जय जय बोले, बाबा सारी आलम, निर्भय नगारा बाजे, अकड़ बम अकड़ बम हरदम।bd। चार खूट...
गाफिल क्यों नींद में सोग्यो झट जाग उजालों होग्यो लिरिक्स

गाफिल क्यों नींद में सोग्यो झट जाग उजालों होग्यो लिरिक्स

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गाफिल क्यों नींद में सोग्यो, दोहा - ढोल बजाय बजाय कहे, सब संत जगावत देवत हेला, सोई रहा नर गाफिल होकर, रहे दिन चार यहां सब खेला। जो बिछड़े...
बिन सत्संग होवे ना ज्ञाना भजन लिरिक्स

बिन सत्संग होवे ना ज्ञाना भजन लिरिक्स

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बिन सत्संग होवे ना ज्ञाना, दोहा - निर्धन कहे धनवान सुखी, धनवान कहे सुख राजा को भारी, राजा कहे चक्रवर्ती सुखी, चक्रवर्ती कहे सुख इन्द्र अधिकारी, इन्द्र कहे ब्रह्मा...
तू सत्संग नौका में बैठ सुवा चाले तो भजन लिरिक्स

तू सत्संग नौका में बैठ सुवा चाले तो भजन लिरिक्स

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तू सत्संग नौका में बैठ, सुवा चाले तो।bd। दोहा - रामचरण रुल झावतो, मिलती नहीं सत्संग, कठिन त्याग वैराग को, मारे गुरु लगायो रंग। गुरु लगावो रंग, उतारियो उतरे नाहीं, दीनो आत्म...
मिग्सर का आया त्यौहार है सज गया चुरू दरबार है लिरिक्स

मिग्सर का आया त्यौहार है सज गया चुरू दरबार है लिरिक्स

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मिग्सर का आया त्यौहार है, सज गया चुरू दरबार है, बैठे श्री बाबोसा सरकार है, दर्शन को दिल बेकरार है।bd। तर्ज - साजन मेरा उस पार है। एक बरस...
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