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सांवरिया तुझसा नहीं इस अम्बर के नीचे भजन लिरिक्स

सांवरिया तुझसा नहीं इस अम्बर के नीचे भजन लिरिक्स

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सांवरिया तुझसा नहीं, इस अम्बर के नीचे, इसलिए तो डोल रही है, दुनिया पीछे पीछे, सांवरिया तुझसा नहीं, इस अम्बर के नीचे।bd। तर्ज - दीवाना मुझसा नहीं। पाके तुझे लगता मुझे, कोई...
तेरी बांकी अदा पे बलिहारी जाऊं भजन लिरिक्स

तेरी बांकी अदा पे बलिहारी जाऊं भजन लिरिक्स

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तेरी बांकी अदा पे बलिहारी जाऊं, तेरे मोटे मोटे नैनो पे मैं वारी जाऊं, तेरे मोटे मोटे नैनो पे मैं वारी जाऊं।bd। मोर मुकुट मकराकृत कुंडल, गालों पे...
हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने राजस्थानी भजन

हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने राजस्थानी भजन

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हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने, दोहा - सतगुरु के दरबार में, नर जाइए बारंबार, भूली वस्तु बताएं दी, मेरे सतगुरु दातार। हिंडो घला दयो...
हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने भजन लिरिक्स

हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने भजन लिरिक्स

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हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने, हो इधर उधर न डोल रहया, मेरे दिल ने डाटो न, हो हो बालाजी मेरा संकट काटो न।bd। तेरे भवन प...
हो आज्या अंजनी दुलारे हो जोत जगाई तेरी

हो आज्या अंजनी दुलारे हो जोत जगाई तेरी

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हो आज्या अंजनी दुलारे, हो जोत जगाई तेरी।bd। सालासर में मंदिर तेरा, आऊँ तेरे द्वारे हो, लाल लंगोटा ले क लाऊँ, तेरे जयकारे हो, अर्जी लगाई तेरी हो, हो आजया अंजनी...
राम भजो सिया राम भजो रे राम बिना नही रहना

राम भजो सिया राम भजो रे राम बिना नही रहना

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राम भजो सिया राम भजो रे, राम बिना नही रहना, मै नही कहता हूँ भाई, यह सँत ग्रँथ का कहना, बोलो हैना हैना हैना।bd। तर्ज - एक डाल पर...
सोचो न हरि को भजलो भजना है अभी से भजलो

सोचो न हरि को भजलो भजना है अभी से भजलो

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सोचो न हरि को भजलो, भजना है अभी से भजलो, श्री राधे कृष्णा को भजलो।bd। तर्ज - समझोता ग़मो से करलो। रात गई सुबहा आएगी, जिँदगी ये गई तो, फिर...
चली आती हो माँ भक्त़ो के लिए

चली आती हो माँ भक्त़ो के लिए

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चली आती हो माँ, भक्त़ो के लिए, मेरे कारण भी आना होगा।bd। कबसे देखूँ माँ रस्ता तुम्हारी, कब आओगी माँ शेरोवाली, मेरी खातिर तुम्हे मातारानी, कष्ट इतना तो करना होगा, चली...
बस यही अरदास माँ हर बार करता हूँ

बस यही अरदास माँ हर बार करता हूँ

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बस यही अरदास माँ, हर बार करता हूँ, मेरे घर भी आओ माँ, इँतजार करता हूँ।bd। तर्ज - बस यही अपराध में। कैसे देखूँ तुमको मइया, मै इन आँखो से, जी...
सोऐ को सँत जगाऐ फिर नीँद न उसको आऐ

सोऐ को सँत जगाऐ फिर नीँद न उसको आऐ

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सोऐ को सँत जगाऐ, फिर नीँद न उसको आऐ, जो जाग के फिर सो जाऐ, उसे कोन जगाऐ, हो उसे कोन जगाऐ।bd। तर्ज - चिन्गारी कोई भड़के। मर मर कर...
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