Home Blog Page 1029
झोली भरले रे खाटू में बाबो धन बरसावे रे भजन लिरिक्स

झोली भरले रे खाटू में बाबो धन बरसावे रे भजन लिरिक्स

0
झोली भरले रे खाटू में बाबो, धन बरसावे रे, झोली भरले रे, धन बरसावे श्याम बुलावे, धन बरसावे श्याम बुलावे, क्यों नहीं जावे रे, झोली भरले रे, झोली...
झोली गरीब की पड़ गई छोटी दातार तूने इतना दिया भजन लिरिक्स

झोली गरीब की पड़ गई छोटी दातार तूने इतना दिया भजन लिरिक्स

0
झोली गरीब की पड़ गई छोटी, दातार तूने इतना दिया, सरकार तूने इतना दिया।bd। मैं था गरीब मेरा कोई नहीं था, मांगता बहुत पर मिलता नहीं था, बिना मांगे...
ग्वालन क्यों तू मटकी तू कैंसे पे मटकी भजन लिरिक्स

ग्वालन क्यों तू मटकी तू कैंसे पे मटकी भजन लिरिक्स

0
ग्वालन क्यों तू मटकी, तू कैंसे पे मटकी। दोहा - बरसाने की गुजरी, मोहे रोज करें हैरान, फंदे में तू आ फंसी, मोहे दे गोरस को...
थोड़ी सी जिन्दगानी खातिर नर के के तू तोफान करे भजन लिरिक्स

थोड़ी सी जिन्दगानी खातिर नर के के तू तोफान करे भजन लिरिक्स

1
थोड़ी सी जिन्दगानी खातिर, नर के के तू तोफान करे, एक मिनट का नहीं भरोसा, बरसों का सामान करे।bd। काया रूपी सराय बीच में, भक्ति करने...
इतना बता दे हमको सांवरा क्यूं परिवार ये टूटता है

इतना बता दे हमको सांवरा क्यूं परिवार ये टूटता है

0
इतना बता दे हमको सांवरा, क्यूं परिवार ये टूटता है, पैसों की खातिर एक भाई, भाई से ही रूठता है, इतना बता दे हमको साँवरा, क्यूं परिवार ये टूटता...
ये नैया मेरी बाबा कर दो किनारे भजन लिरिक्स

ये नैया मेरी बाबा कर दो किनारे भजन लिरिक्स

0
ये नैया मेरी बाबा कर दो किनारे, चले आओ मोहन है तेरे सहारे।bd। तर्ज - लगी आज सावन की फिर वो। पुरानी ये कश्ती है दूर...
खेले कुंज गलिन में श्याम होरी भजन लिरिक्स

खेले कुंज गलिन में श्याम होरी भजन लिरिक्स

0
खेले कुंज गलिन में श्याम, होरी फाग मच्यो री भारी, फाग मच्यो भारी,ओ कान्हा, फाग मच्यो भारी, खेलें कुंज गलिन में श्याम, होरी फाग मच्यो री भारी।bd। गोपियन संग में...
गुरू मुरारी ने मैं करदी मालो माल हरियाणवी भजन

गुरू मुरारी ने मैं करदी मालो माल हरियाणवी भजन

0
गुरू मुरारी ने, मैं करदी मालो माल।bd। सुपने में प्रतिदिन आवः, सुपने में प्रतिदिन आवः, आ क मन्नै वो समझावः, हो री सुँ खुश हाल,...
समचाणे की माटी पे हटके फुल खिला जा मेरे गुरु मुरारी आजा

समचाणे की माटी पे हटके फुल खिला जा मेरे गुरु मुरारी आजा

0
समचाणे की माटी पे, हटके फुल खिला जा, मेरे गुरु मुरारी आजा, मेरे गुरु मुरारी आजा।bd। हो समचाणे मे जा क ने, मैं किसने बात...
सतगुरु पारस खान है लोहा जुग सारा भजन लिरिक्स

सतगुरु पारस खान है लोहा जुग सारा भजन लिरिक्स

1
सतगुरु पारस खान है, दोहा - गुरु की कीजे बंदगी, दिन में सौ - सौ बार, काग पलट हंसा किया, करत न लागी वार। सतगुरु पारस खान है, लोहा...
error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे