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तारा विना श्याम मने एकलडु लागे गरबा लिरिक्स

तारा विना श्याम मने एकलडु लागे गरबा लिरिक्स

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तारा विना श्याम मने एकलडु लागे, रास रमवा ने वहलो आवजे, तारा विना श्याम एकलडु लागे।bd। शरद पूनम नी रातडी ओहो, चांदनी खिली छे भली भांत नी, तू न...
श्री रामायण विसर्जन वंदना

श्री रामायण विसर्जन वंदना लिखित में

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श्री रामायण विसर्जन वंदना, जय जय राजा राम की, जय लक्ष्मण बलवान। जय कपीस सुग्रीव की, जय अंगद हनुमान।bd। जय जय कागभुशुण्डि की, जय गिरी उमा महेश। जय ऋषि...
माटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार भजन लिरिक्स

माटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार भजन लिरिक्स

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माटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार, दोहा- जेसे चुड़ी काच थी, वेसी नर की देह, जतन करीमा सु जावसी, हर भज लावो ले। माटी केडो मटको घड़ियों रे...
मूल महल में बसे गजानन नित उठ दर्शन पाता

मूल महल में बसे गजानन नित उठ दर्शन पाता

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मूल महल में बसे गजानन, नित उठ दर्शन पाता। दोहा - सुंडाला दुःख भंजना, सदा निवाला वेश, सारो पहला सुमरिये, गवरी नन्द गणेश। मूल महल में बसे गजानन, नित उठ...
कोयलिया बोली रे अम्बुआ की डाल अपनो कोई नहींआ रे

कोयलिया बोली रे अम्बुआ की डाल अपनो कोई नहींआ रे

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कोयलिया बोली रे, अम्बुआ की डाल, अपनो कोई नहींआ रे, बिना राम रघुनंदन, अपना कोई नहींआ रे, बिना राम रघुनंदन, अपना कोई नहींआ रे।bd। बाग लगाए...
ग्यारस की ग्यारस हर बार जाता हूँ मैं श्याम के द्वार लिरिक्स

ग्यारस की ग्यारस हर बार जाता हूँ मैं श्याम के द्वार लिरिक्स

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ग्यारस की ग्यारस हर बार, जाता हूँ मैं श्याम के द्वार, पर मुझको घर बैठे भी, ऐसा लगता है कई बार, खाटू गए बगैर, खाटू गए बगैर, खाटू गए बगैर, मुझे...
आओ गजानन प्यारे गिरिजा के दुलारे भजन लिरिक्स

आओ गजानन प्यारे गिरिजा के दुलारे भजन लिरिक्स

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आओ गजानन प्यारे, गिरिजा के दुलारे, आओ गजानन प्यारें, गिरिजा के दुलारे।bd। सब देवन में देव कहाए, पूजूँ चरण तुम्हारे, गिरिजा के दुलारे, आओ गजानन प्यारें, गिरिजा के दुलारे।bd। हरी हरी धुर्वा तुमको...
बंसी बजावे नंदलाला गोपाला मेरो पहने फूलन की माला

बंसी बजावे नंदलाला गोपाला मेरो पहने फूलन की माला

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बंसी बजावे नंदलाला, बंसी बजावे नंदलाला, गोपाला मेरो पहने फूलन की माला, बंसी बजावें नंदलाला, गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।bd। टेड़ी लकुट है टेड़ा मुकुट...
आरती श्री बनवारी की भागवत कृष्ण बिहारी की

आरती श्री बनवारी की भागवत कृष्ण बिहारी की

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आरती श्री बनवारी की, भागवत कृष्ण बिहारी की।bd। भागवत भगवत मंगल रूप, कथामय मंजुल मधुर अनूप, पितामह मुखरित प्रथम स्वरूप, विराजत नारद मनमय कूप, कृष्ण रसदान,रसिक जन प्राण, करत...
पोरा पाप रा आया छुटा नेम धर्म सब डूबा चेतावनी भजन

पोरा पाप रा आया छुटा नेम धर्म सब डूबा चेतावनी भजन

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पोरा पाप रा आया, छुटा नेम धर्म सब डूबा, चउदिश कलजुग छाया संतो, पोरा पाप रा आया।bd। पेलो धर्म हिन्दु रो डुबो, गऊ माता कटवाया, आखिया रे हामी...
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