खाटू से चलकर आज मेरे घर आये लखदातार भजन लिरिक्स
खाटू से चलकर आज मेरे घर,
आये लखदातार,
कृपा बरसाए रहे,
कृपा बरसाए रहे।bd।
तर्ज - खाटू वाले हमें बुलाले।
श्याम प्रभु का घर है ये,
श्याम ही इसके मालिक...
किने सुनाऊं मन की बाता कोई ना श्याम हमारो है लिरिक्स
किने सुनाऊं मन की बाता,
कोई ना श्याम हमारो है,
तू भी रुस्यो बैठो है बाबा,
आखड़ली भर आवे है,
किने सुनाऊ मन की बाता,
कोई ना श्याम हमारो...
ये जीवन की डोरी तेरे हाथ सांवरे भजन लिरिक्स
ये जीवन की डोरी,
तेरे हाथ सांवरे,
तेरे हाथ सांवरे।bd।
तर्ज - ये दुनिया ये महफ़िल।
कैसा मिला ज़हर,
ये हवाओं में आज कल,
मिलता नहीं है आज की,
मुश्किल का...
म्हारा भर दे रे भण्डार खाटू वाला श्याम धणी भजन लिरिक्स
म्हारा भर दे रे भण्डार,
खाटू वाला श्याम धणी।
दोहा - बाँध के पगड़ी ले हाथ निशान,
चले दीवाने खाटू धाम,
हार के जो भी आया खाटू नगरी,
बनते...
भरोसा है हमें तेरा कन्हैया बांसुरी वाले भजन लिरिक्स
भरोसा है हमें तेरा,
कन्हैया बांसुरी वाले,
कन्हैया बांसुरी वाले,
उबारेगा हमें भव से,
कन्हैया बांसुरी वाले,
कन्हैया बांसुरी वाले।bd।
तर्ज - बहारों फूल बरसाओ।
जरा तुम देखलो आकर,
दशा हम दीन...
मंगलमय मूरत है श्री बांके बिहारी की भजन लिरिक्स
मंगलमय मूरत है,
श्री बांके बिहारी की,
करुणा बरसती रहे,
करुणा बरसती रहे,
श्री बांके बिहारी की,
मंगलमई मूरत है,
श्री बांके बिहारी की,
जय जय श्री राधेश्याम,
जय जय श्री राधे।bd।
मांगू...
तेरे ही भरोसे नैया छोड़ी रे कन्हैया भजन लिरिक्स
तेरे ही भरोसे नैया,
छोड़ी रे कन्हैया,
अब देर न कर,
नैया पडी है भँवर,
मेरे साँवरिया साँवरिया,
तेरे ही भरोसे नईया,
छोड़ी रे कन्हैया।bd।
तर्ज - कौन दिशा में लेके।
तूफानों...
बाबा की रीत निभाते चलो प्रेमी से प्रेम बढ़ाते चलो लिरिक्स
बाबा की रीत निभाते चलो,
प्रेमी से प्रेम बढ़ाते चलो,
प्रेमी से प्रेम बढ़ाते चलो,
हारा हुआ मिले जो पथ में,
साथी उसे तुम बनाते चलो,
बाबा की रीत...
मेरे मुरली मनोहर पिया चुरा दिल मेरा लिया लिरिक्स
मेरे मुरली मनोहर पिया,
चुरा दिल मेरा लिया,
आए हाय तूने ये क्या किया,
आए हाय तूने ये क्या किया,
चुरा दिल मेरा लिया,
मेरें मुरली मनोहर पिया,
चुरा दिल...
श्याम तेरे मुखड़े को जिसने निहारा भजन लिरिक्स
श्याम तेरे मुखड़े को,
जिसने निहारा,
नहीं भूलेगा मेरे श्याम,
ये नजारा ये नजारा,
प्यारे तेरा जलवा है,
ऐसा जादूगारा जादूगारा,
श्याम तेरे मुखडे को,
जिसने निहारा।bd।
तर्ज - चाँद जैसे मुखड़े...









