फिल्मी तर्ज भजन

Filmi Tarj Bhajan Lyrics

हमें तो लूट लिया साँवरे सांवरिया ने भजन लिरिक्स

हमें तो लूट लिया साँवरे सांवरिया ने भजन लिरिक्स

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हमें तो लूट लिया साँवरे सांवरिया ने, कृष्णा कन्हैया ने बाँसुरी बजईया ने।bd। तर्ज - हमें तो लूट लिया मिलके हुस्न। सुहानी रात थी और चाँदनी भी...
चारभुजा रा नाथ थारी सेवा करा दिन रात भजन लिरिक्स

चारभुजा रा नाथ थारी सेवा करा दिन रात भजन लिरिक्स

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चारभुजा रा नाथ थारी, सेवा करा दिन रात, चारभुजा रा नाथ, थारी सेवा करा दिन रात, मेरे सिर पे रख दो हाथ, चारभुजा रा नाथ थारी, सेवा करा दिन रात।bd। तर्ज...
मुझे गम नहीं इस बात का साया भी ना मेरे संग हैं भजन लिरिक्स

मुझे गम नहीं इस बात का साया भी ना मेरे संग हैं भजन लिरिक्स

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मुझे गम नहीं इस बात का, साया भी ना मेरे संग हैं, मुझे गर्व है इस बात का, मेरा सांवरा मेरे संग हैं, मुझे गम नही...
हजारो जन्मो को खोया मगर कुछ भी न पाया है

हजारो जन्मो को खोया मगर कुछ भी न पाया है

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हजारो जन्मो को खोया, मगर कुछ भी न पाया है, मगर कुछ भी न पाया है, अगर कुछ पाया है जग से, तो बस धोखा ही खाया है, तो...
प्रभू चरणो में हम बिता लेंगे जनम

प्रभू चरणो में हम बिता लेंगे जनम

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प्रभू चरणो में हम, बिता लेंगे जनम, आ गए आ गए, दाता तेरी शरण।bd। तर्ज - बेखुदी मे सनम। हम दीनो के तुम हो सहारे, हम नादान है दास तुम्हारे, तुम...
काज सुधारे भोले भक्तो के रखवाले भजन लिरिक्स

काज सुधारे भोले भक्तो के रखवाले भजन लिरिक्स

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काज सुधारे भोले भक्तो के रखवाले, मतवाले, रखवाले, की बम बम भोले शंकर, गले में नाग पहन कर, की डम डम डमरू बाजे।bd। तर्ज - ओ लाल मेरी पत...
अँखियों में नमीं सी हो दिल बैठा हो हार के भजन लिरिक्स

अँखियों में नमीं सी हो दिल बैठा हो हार के भजन लिरिक्स

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अँखियों में नमीं सी हो, दिल बैठा हो हार के, जब कुछ ना नज़र आये, मुझे तू ही नज़र आये, जब गम के अँधेरे हो, बंद हो...
ना जरुरत उसे पूजा और पाठ की भजन लिरिक्स

ना जरुरत उसे पूजा और पाठ की भजन लिरिक्स

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ना जरुरत उसे पूजा और पाठ की, जिसने सेवा करी अपने माँ बाप की, रहता भगवान उसके सदा साथ है, बन गया जो ख़ुशी अपने माँ बाप...
पल पल में यह जीवन जाए हाय बृथा की बातो में

पल पल में यह जीवन जाए हाय बृथा की बातो में

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पल पल में यह जीवन जाए हाय, बृथा की बातो में, इस पल को काहे तू खोए, बृथा की बातो में।bd। तर्ज - रिमझिम के गीत सावन...
ऐ मेरे मन अभिमानी क्यो करता है नादानी

ऐ मेरे मन अभिमानी क्यो करता है नादानी

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ऐ मेरे मन अभिमानी, क्यो करता है नादानी। तर्ज - ऐ मेरे वतन के लोगो। शेर- है तेरे भजन की बैरा, यहाँ कोई नही है किसी का, ये शुभ अवसर...
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