खोल खजाने बांट रहा है, सबको बारी बारी, बैठा खाटू में श्याम बिहारी, ये दौलत देता है, ये शोहरत देता है, देता है महल अटारी, बैठा खाटू में श्याम बिहारी।bd।…
नगर भागली जामो पायो, पीरजी पीर पद पायो जी, सिरेमंदर री अलख पेडिया में, राज करायो जी शान्तिनाथजी, जियो जियो जी शान्तिनाथजी, थोरी जग जालौरी मे फिरे दुआई जी, शान्तिनाथजी…
बाबा मुझे सपनो में, खाटू में बुला लेना, देखेगी ना झूठी दुनिया, सीने से लगा लेना, बाबा मुझें सपनो में, खाटू में बुला लेना।bd। तर्ज - तेरे जैसा यार कहाँ।…