कृपा श्याम की साथ में, रहती आठों याम, और दर्शन मुझको देते, और दर्शन मुझको देते, मेरे खाटू वाले श्याम, कृपा श्याम कीं साथ में, रहती आठों याम।bd। तर्ज -…
भजमन शंकर भोलेनाथ, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू मधुर बजाने वाले, भजमन शंकर भोलेंनाथ, डमरू मधुर बजाने वाले।bd। मुक्ति हेतु बसाई काशी, जहां रहे भोले अविनाशी,…
ना मूरत में ना तीरथ में, ना कोई निज निवास में, मुझको कहाँ ढूंढे तू बंदे, मैं तेरे विश्वास में, मुझको कहाँ ढूंढे तू बंदे, मैं तेरे विश्वास में।bd। तर्ज -…