आयो आयो नवरात्रि त्यौहार, दोहा - जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पे, तूने सुनी पुकार, जिसकी रक्षा तू करे उसे क्या मारे संसार। आयो आयो नवरात्रि त्यौहार, हे रे आयों…
बजरंगी की पूजा होती, मंगल और शनिवार, मेहन्दीपुर लगा के बैठे, बाला जी अपना दरबार, मेहन्दीपुर लगा के बैठे, बाला जी अपना दरबार।bd। तर्ज - बार बार तोहे क्या समझाए।…