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Yearly Archives: 2023

बाबा तेरे प्रेमियों ने चिट्ठी भेजी है

बाबा तेरे प्रेमियों ने चिट्ठी भेजी है

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बाबा तेरे प्रेमियों ने, चिट्ठी भेजी है, और चिट्ठी में पूछा है तेरी, तबीयत कैसी है।bd। खूब दिया दातार तुमने, भरें हुए भंडार है, जो भी तेरे खाटू आता, देता लखदातार...
नवरात्रि उत्सव है बाबोसा दरबार में

नवरात्रि उत्सव है बाबोसा दरबार में

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नवरात्रि उत्सव है, बाबोसा दरबार में, गरबे की धूम मची, सारे संसार में, बाबोसा संग आई, आज महामाई, ढोल नगाड़े बाजे, बाजे शहनाई, आई रे आई रे आई रे आई, नवरात्रि आई।bd। धरती अम्बर...
आये मेरी माँ के पावन नवराते

आये मेरी माँ के पावन नवराते

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आये मेरी माँ के, पावन नवराते, घर घर मे होंगे, मैया के जगराते, आये मेरी मां के, पावन नवराते।bd। तर्ज - छू कर मेरे मन को। दर्श बिना मुझको, आये न माँ...
जोगण गाजे हो ऊपर माला का मंगरा में

जोगण गाजे हो ऊपर माला का मंगरा में

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जोगण गाजे हो, ऊपर माला का मंगरा में, माऊजी जोगण गाजे हों।bd। भगता की माँ जेला काटे, बेड्या व हथकड़ीया काटे, हाका धाका चड जा घाटे, छतर छाजे ओ, ऊपर माला...
मैंने सजा दिया दरबार मेरे घर बालाजी

मैंने सजा दिया दरबार मेरे घर बालाजी

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मैंने सजा दिया दरबार, मेरे घर बालाजी।bd। टोटे के माह मरा पड़ा था, कुनबा सारा रूधन करै था, मैं करूं कमाई आज, ओ मेरे बालाजी, मने सजा दिया दरबार, मेरे घर...
आज हमारे घर में मैया आई है

आज हमारे घर में मैया आई है

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आज हमारे घर में मैया आई है, दोहा - माँ तुमसे मैं क्या मांगू, बिन मांगे सब तुम देती हो, जो मैं सोच नहीं पाता हूँ, वो मेरी...
है प्रेम जगत में सार और कछु सार नहीं लिरिक्स

है प्रेम जगत में सार और कछु सार नहीं लिरिक्स

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है प्रेम जगत में सार, और कछु सार नहीं।bd। देखे - रे मनवा प्रेम जगत का सार। मीरा का इकतारा गाता, प्रेम में विष अमृत बन जाता, है प्रभु...
आये शरण तुम्हारी बाबोसा चूरूवाले

आये शरण तुम्हारी बाबोसा चूरूवाले

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बाबोसा के पास है जो, बड़े खुश नसीब है, जो चरणों से दूर इनके, वो बदनसीब है, जब सर पे इनका हाथ, डरने की क्या बात, रहता है हर घड़ी...
आजा माँ काली तेरी भगतणी ला बैठी दरबार री

आजा माँ काली तेरी भगतणी ला बैठी दरबार री

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आजा माँ काली, तेरी भगतणी, ला बैठी दरबार री, एक आस सै तेरे पै, करो भगतों का उद्धार री।bd। ज्योत जगाई तेरी भेंट चढ़ाई, भोग तनै लाणा होगा, चंडी रूप धार...
श्याम मिजाजी जी थे रहिजो राजी जी

श्याम मिजाजी जी थे रहिजो राजी जी

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श्याम मिजाजी जी, थे रहिजो राजी जी, अरज करा हाथ जोड़।bd। तर्ज - हम तुम चोरी से। ग्यारस की ग्यारस में, दरबार आपके आऊं, ऐसी किरपा कर दो, हर रोज ही...
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