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Yearly Archives: 2019

मेरे सीने में बसे है जानकी संग राम जी भजन लिरिक्स

मेरे सीने में बसे है जानकी संग राम जी भजन लिरिक्स

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मेरे सीने में बसे है, जानकी संग राम जी, मैं जहाँ देखूं नजर, आते है मुझको राम जी, मेरे सींने में बसे है, जानकी संग राम जी।bd। तर्ज - दिल...
छोड़ चला रे बंजारा गठडी छोड़ चला बंजारा लिरिक्स

छोड़ चला रे बंजारा गठडी छोड़ चला बंजारा लिरिक्स

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छोड़ चला रे बंजारा, गठडी छोड़ चला बंजारा।bd। इस गठरी में चांद और सूरज, इस गठरी में चांद और सूरज, इसमें नौ लख तारा, गठडी छोड़ चला बंजारा। छोड़ चला...
हे गुरुदेव तुमको नमन आ गया मैं तुम्हारी शरण

हे गुरुदेव तुमको नमन आ गया मैं तुम्हारी शरण

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हे गुरुदेव तुमको नमन, आ गया मैं तुम्हारी शरण, दे हमें ज्ञान तू, हर ले अज्ञान तू, कर दूँ अर्पण तुम्हे अपना मन, हें गुरुदेव तुमको नमन।bd। तर्ज - ऐ...
मात पिता गुरु प्रभु चरणों में धर ले मनवा ध्यान लिरिक्स

मात पिता गुरु प्रभु चरणों में धर ले मनवा ध्यान लिरिक्स

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मात पिता गुरु प्रभु चरणों में, धर ले मनवा ध्यान, इन्ही से है अपना कल्याण, इन्ही से है अपना कल्याण, मन मन्दिर में इन्हें बिठाकर, देखो विश्व महान, इन्हीं से...
अपने अंतरमन में गुरु का सुमिरन कर ले भजन लिरिक्स

अपने अंतरमन में गुरु का सुमिरन कर ले भजन लिरिक्स

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अपने अंतरमन में, गुरु का सुमिरन कर ले, फिर सँवर जाएगी, ये तेरी जिन्दगी।bd। तर्ज - ये रेशमी जुल्फें। ध्यान चरणों में गुरु के, लगाते रहो, सेवा करते रहो, किरपा पाते रहो, हर...
मेरे शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे भजन लिरिक्स

मेरे शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे भजन लिरिक्स

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मेरे शीश के दानी का, सारे जग में डंका बाजे। दोहा - दान देते नहीं आप अपना सर, द्वार खाटू का पावन फिर सजता नहीं, अपने भक्तों की...
महाकाल की नगरी वाली हरसिद्धि की जय भजन लिरिक्स

महाकाल की नगरी वाली हरसिद्धि की जय भजन लिरिक्स

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महाकाल की नगरी वाली, हरसिद्धि की जय, उज्जैन नगरी जो भी आवे, होवे उकी विजय, के दर्शन करने आजो जी, के झोली भरता जाजो जी, ओ मनोकामना पूर्ण करने, अब के...
दर पे आके तेरे साईं बाबा कुछ सुनाने को दिल चाहता है

दर पे आके तेरे साईं बाबा कुछ सुनाने को दिल चाहता है

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दर पे आके तेरे साईं बाबा, कुछ सुनाने को दिल चाहता है, ना जुदा अपने चरणों से करना, सर झुकाने को दिल चाहता है।bd। तर्ज - कव्वाली। मैं जहाँ...
श्रध्दा सबूरी मन में रक्खो साई वचन अनमोल लिरिक्स

श्रध्दा सबूरी मन में रक्खो साई वचन अनमोल लिरिक्स

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श्रध्दा सबूरी मन में रक्खो, साई वचन अनमोल, सबका मालिक एक है बंदे, ये ही जुबाँ से बोल।bd। तर्ज - चाँदी जैसा रंग है तेरा। जन्नत से भी अधिक...
सगराम दासजी महाराज की कुंडलीया लिरिक्स

सगराम दासजी महाराज की कुंडलीया लिरिक्स

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सगराम दासजी महाराज की कुंडलीया, दोहा - भक्त बीज पलटे नही, और जो जुग जाये अनंत, ऊंच नीच घर अवतरे, वो रहे संत रो संत। तुलसी नर का क्या...
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