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दिव्य दर्शन है बाबा का दिव्य ये दरबार है भजन लिरिक्स

दिव्य दर्शन है बाबा का दिव्य ये दरबार है भजन लिरिक्स

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दिव्य दर्शन है बाबा का, दिव्य ये दरबार है, दिव्य श्याम की मूर्ति, और दिव्य ये श्रृंगार है, दिव्य हैं ये प्रेमी सारे, बैठे हैं दरबार में, दिव्य श्याम का...
जब कोई बात बिगड़ जाए तब देगा साथ तेरा वो सांवरा लिरिक्स

जब कोई बात बिगड़ जाए तब देगा साथ तेरा वो सांवरा लिरिक्स

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जब कोई बात बिगड़ जाए, जब तू अकेला पड़ जाए, तब देगा साथ तेरा वो सांवरा, दुनिया में कोई अपना, जब तुझको ना नज़र आये, तब देगा साथ तेरा...
पकड़ो मेरा हाथ चलना साथ साथ श्याम भजन लिरिक्स

पकड़ो मेरा हाथ चलना साथ साथ श्याम भजन लिरिक्स

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पकड़ो मेरा हाथ चलना साथ साथ, ओ मेरे दीनानाथ बनके तू हमसफ़र।bd। तर्ज - आ जा आई बहार। तुमसा अगर हो जिसका खिवैया, डूबेगी कैसे जीवन की नैय्या, करते...
अपनी करनी पे खुद सांवरे लाचार हूँ मैं भजन लिरिक्स

अपनी करनी पे खुद सांवरे लाचार हूँ मैं भजन लिरिक्स

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अपनी करनी पे खुद सांवरे, लाचार हूँ मैं, लाचार हूँ मैं, माफ़ी दे दो गुनाहो की, गुनहगार हूँ मैं, गुनहगार हूँ मैं, अपनी करनी पे खुद साँवरे, लाचार हूँ मैं, लाचार हूँ...
भाव भजन ये बाबा चरणों में हम है लाए भजन लिरिक्स

भाव भजन ये बाबा चरणों में हम है लाए भजन लिरिक्स

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भाव भजन ये बाबा, चरणों में हम है लाए, नैना ये भर भर आए, बाबा नैना यें भर भर आए।bd। तर्ज - दुनिया बनाने वाले क्या। कैसे मैं भूलूं...
भरोसे थोरे चाले ओ सतगुरु मारी नाव भजन लिरिक्स

भरोसे थोरे चाले ओ सतगुरु मारी नाव भजन लिरिक्स

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भरोसे थोरे चाले ओ, सतगुरु मारी नाव, सतगुरु मारी नाव दयालु, धिन गुरु मारी नाव, भरोसे थारे चाले ओ, सतगुरु मारी नाव।bd। नही है मारे कुटम्ब कबीलो, नही है मारे परिवार, आप...
सत्संग वह गंगा है जिसमे जो नहाते है भजन लिरिक्स

सत्संग वह गंगा है जिसमे जो नहाते है भजन लिरिक्स

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सत्संग वह गंगा है, जिसमे जो नहाते है, सत्संग वो गंगा है, जिसमे जो नहाते है, पापी से पापी भी, पावन हो जाते है, पापी से पापी भी, पावन हो जाते...
धन्य है भारत देश हमारा वंदे मातरम् का नारा लिरिक्स

धन्य है भारत देश हमारा वंदे मातरम् का नारा लिरिक्स

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धन्य है भारत देश हमारा, वंदे मातरम् का नारा। दोहा - जब तक रहे गंगा त्रिवेणी, रहे तिरंगे की आन, तीर्थ ज्ञान विज्ञान रहेगें, इस भारत की शान। धन्य है...
थे तो धरनी पधारया गंगा माय त्रिवेणी थाने अरज करा

थे तो धरनी पधारया गंगा माय त्रिवेणी थाने अरज करा

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थे तो धरनी पधारया गंगा माय, दोहा - गंगा जमुना सरस्वती, भागीरथ रे भाव, मृत्यु लोक में गंगा लायो, तपने एकर पाँव। थे तो धरनी पधारया गंगा माय, त्रिवेणी थाने...
गंगा जमुना और सरस्वती त्रिवेणी कहलाई ओ राम

गंगा जमुना और सरस्वती त्रिवेणी कहलाई ओ राम

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गंगा जमुना और सरस्वती, दोहा - सतगुरु की संगत करो, धरो हरि को ध्यान, अंतकरण शुद्ध होवसी, महाकुम्भ करो स्नान। गंगा जमुना और सरस्वती, गंगा जमुना ओर सरस्वती, त्रिवेणी कहलाई ओ...
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